Rajrappa Mandir काली माँ इस जगह पर अपना धड़ अपने शरीर से अलग की थी

Rajrappa Mandir: राजरप्पा मंदिर छिन्नमस्तिका देवी के नाम से प्रसिद्ध है, राजरप्पा मंदिर झारखंड के रामगढ़ जिले मे स्थित है, रामगढ़ से करीब 28 किलोमीटर की दूरी पर राजरप्पा छेत्र के अंदर राजरप्पा मंदिर स्थित है ।

Rajrappa Mandir: इतिहास और रहस्य जान के हेरान हो जाएंगे

राजरप्पा मंदिर शादियों से वहाँ के पूर्वज पूजते आ रहे है इस मंदिर के बारे मे वेद पुराण मे भी जिक्र किया गया है, इस मंदिर मे छिन्नमस्तिका देवी का पूजा किया जाता है, कहा जाता है की कलयुग मे जब पार्वती माता गुस्से से लाल हो गई थी उनके गुस्से को कोई रोक नहीं पा रहा था कोई भी पार्वती माता को शांत नहीं करवा पा रहा था मानो उस समय ऐसा लग रहा थी की माता पार्वती के गुस्से के करण पूरा संसार जल के भष्म हो जाएगा,

तब माता पार्वती के पति परमेश्वर शिव शंकर जी के मन मे एक ख्याल आता है अब इनको रोकने का एक ही तरीका है और फिर शंकर जी माता पार्वती के रास्ते मे लेट जाते है तब माता पार्वती का पैर अपने पति परमेश्वर के छाती मे चल जाता है तब जा के माता पार्वती शांत होती है लैकिन जब वो नीचे देखती है है तो उनके पैर के नीचे उनके पति होते है और ये माता पार्वती बर्दास्त नहीं कर पति है और अपना धड़ अपने शरीर से अलग कर लेती है

लोगों का कहना है की ये घटना राजरप्पा के पावन धरती पर ही हुआ था इस जगह पर माता ने अपना धड़ अपने शरीर से अलग किया था, काली माता का मंदिर आपको बहुत जगह पर देखने को मिल जाएगा और सभी मंदिर मे काली माता की प्रतिमा धड़ के साथ नजर आएगी लैकिन एक लौता राजरप्पा मंदिर ही है जहँ पर आपको काली माता का प्रतिमा धड़ अलग मिलेगा ।

Rajrappa Mandir: किस वजह से प्रचलित है ये मंदिर

राजरप्पा मंदिर पूरे झारखंड मे प्रचलित है यहाँ पर ज्यादातर लोग अपने बच्चे के मुड़न या फिर किसी की मनोकामना पूरा होता है वो इस मंदिर पर पूजा करने के लिए आते है, लोग कहते है की अगर आप छिन्नमस्तिका देवी से कुछ मनोकामना मांगते है तो वो जरूर पूरा होता है, और जब पूरा हो जाता है तो लोग उनके दुवार पर आते है,

झारखंड के लोग अगर कुछ बड़ा काम करते है या कोई गाड़ी लेते है तो राजरप्पा मंदिर आते है अपनी गाड़ी की पूजा करवाने और अपनी सलामती की कामना करते है छिन्नमस्तिका देवी से, झारखंड के लोग हर सुख दुख मे राजरप्पा मंदिर छिन्नमस्तिका देवी से मनोकामना करने के लिए आते है, इस मंदिर मे ज्यादातर बकरे की बली दी जाती है और नारियल अन्नर दाना का प्रशाद चढ़ावा किया जाता है ।

Rajrappa Mandir: इस मंदिर मे दो नदियों का संगम भी होता है

राजरप्पा मंदिर के सामने भैरवी और दामोदर नदी का मिलन होता है, दोनों नदियों का संगम देख के आपका दिल खुश हो जाएगा, जिस गजह पर दोनों नदियों का मिलन होता है वहाँ का नजारा किसी वॉटर्फॉल से कम नहीं लगेगा, राजरप्पा मंदिर मे आपको बोटिंग का भी सुविधा मिलेगा, आप अपने सभी परिवार के साथ बोटिंग का भी लुफ़त उठा सकते है।

Rajrappa Mandir: खुलने का समय, टिकट

राजरप्पा मंदिर सुबह 6 बजे खुल जाता है और शाम लगभग 5 बजे तक मंदिर का कपाट खुला रहता है , इस मंदिर पर लोग सुबह 4 बजे से ही जुडने लगते है, और सुबह 10 बजे तक इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है की आपको पैर रखने का जगह नहीं मिलेगा, और ये हर दिन का यही हाल रहता है, वही अगर दोपहर की बात करे तो दोपहर मे ज्यादा भीड़ आपको नहीं दिखेगा।

अगर आप सिर्फ पूजा करने के लिए जा रहे तो आपको किसी प्रकार का कोई भी टिकट नहीं लेना पड़ेगा, बस आपको थोड़ी लंबी लाइन का सामना करना पड़ सकता है।

अगर आप मुंडन या फिर कोई चढ़वा या बकरे की बली भी देना है तो आपको टिकट लेना पड़ सकता है,

  • बकरे की बली के लिए आपको लगभग 151 रु का टिकट लेना पड़ेगा, टिकट का दाम कम ज्यादा होते रहता है।
  • मुंडन के लिए आपको लगभग 50 रु का टिकट लेना पड़ेगा ।

Rajrappa Mandir: पार्किंग सुविधा है या नहीं

अगर आप Rajrappa Mandir जाने का प्लान कर रहे और आप बड़े या छोटे अपनी गाड़ी से जाने का मन बना रहे है तो आप बेफिक्र होकर राजरप्पा मंदिर जा सकते है वहाँ पर आपको छोटे से लेकर बड़ी गाड़ियों के लिए पार्किंग की सुविधा मोजूद है, उसके लिए आपको कम से कम 10 रु से लेकर 100 रु तक पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा ।

Rajrappa Mandir: केसे जाए राजरप्पा मंदिर

Rajrappa Mandir
Image Source-instagram.com |Image by-rajrappa_mandir_

अगर आप झारखंड या झरखंड से बाहर के रहने वाले है और आप राजरप्पा मंदिर का दर्शन करने का प्लान कर रहे है तो राजरप्पा मंदिर जाने के लिए बहुत सारे बिकल्प है,

  • हवाई जहाज: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट राजरप्पा मंदिर के सबसे पास मे है बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर राजरप्पा मंदिर है और एयरपोर्ट से लगभग आपको 2 से 3 घंटे का रास्ता तय करना पड़ सकता है, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुचने के बाद वहाँ से आप कोई पर्सनल कार या कैब बुक कर के सीधा राजरप्पा मंदिर जा सकते है, नहीं एयरपोर्ट से आप कोई ऑटो या कैब पकड़कर लालपुर या फिर बस स्टैन्ड चले जाए फिर वहाँ से रामगढ़ के लिए बस लेनी पड़ेगी काभी काभी आपको राजरप्पा के लिए डायरेक्ट बस मिल सकती है, रामगढ़ आने के बाद रामगढ़ बस स्टैन्ड मे आपको हर 10 मिनट मे आपको छोटी या बड़ी गाड़ी मिल जाएगी राजरप्पा मंदिर के लिए।
  • ट्रेन: रांची रेल्वे स्टेशन, हटिया रेल्वे स्टेशन, बरकाकाना रेल्वे स्टेशन, गुमिया रेल्वे स्टेशन और कोडेरमा रेल्वे स्टेशन राजरप्पा मंदिर के सबसे नजदीक के रेल्वे स्टेशन है, स्टेशन पहुचने के बाद रामगढ़ के लिए बस आपको हर 10 मिनट मे मिल जाएगी, और फिर रामगढ़ पहुचने के बाद रामगढ़ बस स्टैन्ड मे आपको हर 10 मिनट मे आपको छोटी या बड़ी गाड़ी मिल जाएगी राजरप्पा मंदिर के लिए।
  • बस: रांची, हजारीबाग,गुमिया और धनबाद इन जगहों से आपको हर 20 मिनट मे एक बस मिल जाएगी रामगढ़ के लिए, रामगढ़ पहुचने के बाद रामगढ़ बस स्टैन्ड मे आपको हर 10 मिनट मे आपको छोटी या बड़ी गाड़ी मिल जाएगी Rajrappa Mandir के लिए।

निष्कर्ष

Rajrappa Mandir एक बार हम सभी को अपने पूरे परिवार के साथ छिन्नमस्तिका देवी के दर्शन के लिए जरूर जाना चाहिए, उस मंदिर के कपाट पर जाने के बाद मानो आपको कुछ अलग ही एहसास होगा, मन को इतनी सन्ति मिलेगी की अपने ये एहसास काभी महसूस नहीं किया होगा,

Rajrappa Mandir मे आपको बहुत कुछ देखने को मिलेगा जैसे पाँच मंदिर, वाटर फ़ॉल्स , बोट सवारी, हिल स्टेशन का नजरिया देखने को मिल सकता है ।

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